Poems / Songs

साहब ने कहा है, नफरत का ऐलान कर दो

साहब ने कहा है, नफरत का ऐलान कर दो

सब तंत्र खरीद के उसको सरे आम कर दो, कोई आवाज न उठा पाए, सारे दरवाजे जाम कर दो

प्रवासी मजदूर लोग हमे कहते है by Pallav Kumar

प्रवासी मजदूर लोग हमे कहते है by Pallav Kumar

प्रवासी मजदूर लोग हमे कहते है written by Pallav Kumar

तुम ही सत्ता के नायक हो

तुम ही सत्ता के नायक हो

तुम ही सत्ता के नायक हो by Pallav Kumar, tum hi satta k nayak ho by Pallav Kumar

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